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जेबी साथी · 9 में से हिस्सा 5

जेबी अज़कार

أَذْكَارُ الصَّلَاةِ
इल्मी जाँच: अभी बाक़ी है

यह टेक्स्ट सबील की प्रिंट लाइब्रेरी से लिया गया है। इसकी इल्मी जाँच अभी जारी है; जब दो उलमा इस पर दस्तख़त कर देंगे, तब हर चीज़ के साथ उसकी जाँच करने वालों के नाम और तारीख़ दर्ज होगी।

ड्राफ़्ट तर्जुमा: मशीन ने अरबी और अंग्रेज़ी से तैयार किया है, और अभी तक किसी आलिम या मातृभाषी एडिटर ने इसे नहीं पढ़ा है। जहाँ कोई पंक्ति साफ़ न हो, वहाँ अंग्रेज़ी दिखाएँ और अरबी पर भरोसा करें।

जेबी साथी · 09 में से 05
जेबी अज़कार
أَذْكَارُ الصَّلَاةِ
अज़्कारुस-सलाह
नमाज़ के बाद की पूरी तरतीब, इतनी समेटी हुई कि जेब में आ जाए।
2 · सलाम से पहले
3 · सलाम के बाद · 1–4
4 · 5–7 · तस्बीह
5 · आयतुल-कुर्सी
6 · तीनों सूरतें
7 · फ़ज्र, मग़रिब, वित्र
8 · एक नज़र में गिनती
हर चीज़ सहीह है। पूरे मत्न और दर्जे लंबी शीट पर हैं।
02सलाम से पहले
आख़िरी क़ादे में, अत्तहिय्यात और दुरूद के बाद — नमाज़ के अंदर, उसके बाद नहीं।
चार चीज़ों से पनाह
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ جَهَنَّمَ، وَمِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ، وَمِنْ فِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ، وَمِنْ شَرِّ فِتْنَةِ الْمَسِيحِ الدَّجَّالِ
अल्लाहुम्म इन्नी अऊज़ु बिक मिन अज़ाबि जहन्नम, व मिन अज़ाबिल-क़ब्र, व मिन फ़ित्नतिल-मह्या वल-ममात, व मिन शर्रि फ़ित्नतिल-मसीहिद-दज्जाल
Allāhumma innī a‘ūdhu bika min ‘adhābi jahannam, wa min ‘adhābil-qabr, wa min fitnatil-maḥyā wal-mamāt, wa min sharri fitnatil-Masīḥid-Dajjāl
जहन्नम के अज़ाब से, क़ब्र के अज़ाब से, ज़िंदगी और मौत के फ़ितनों से, और मसीह दज्जाल के फ़ितने की बुराई से पनाह।
मुस्लिम · सहीह — इसका हुक्म दिया गया है।
अबू बक्र की दुआ
اللَّهُمَّ إِنِّي ظَلَمْتُ نَفْسِي ظُلْمًا كَثِيرًا، وَلَا يَغْفِرُ الذُّنُوبَ إِلَّا أَنْتَ، فَاغْفِرْ لِي مَغْفِرَةً مِنْ عِنْدِكَ وَارْحَمْنِي، إِنَّكَ أَنْتَ الْغَفُورُ الرَّحِيمُ
अल्लाहुम्म इन्नी ज़लम्तु नफ़्सी ज़ुल्मन कसीरन, व ला यग़्फ़िरुज़-ज़ुनूब इल्ला अन्त, फ़-ग़्फ़िर ली मग़्फ़िरतन मिन इन्दिक व-र्हम्नी, इन्नक अन्तल-ग़फ़ूरुर-रहीम
Allāhumma innī ẓalamtu nafsī ẓulman kathīran, wa lā yaghfirudh-dhunūba illā Anta, faghfir lī maghfiratan min ‘indika warḥamnī, innaka Antal-Ghafūrur-Raḥīm
ऐ अल्लाह, मैंने अपनी जान पर बहुत ज़ुल्म किया है, और तेरे सिवा कोई गुनाहों को नहीं बख़्शता। तो अपनी तरफ़ की मग़फ़िरत से मुझे बख़्श दे, और मुझ पर रहम फ़रमा। बेशक तू ही बहुत बख़्शने वाला, निहायत रहम वाला है।

पूरा पाठ दिखाया गया है, नमाज़ों के अज़कार से। छपे संस्करण में यह छोटा है।

बुख़ारी और मुस्लिम · सहीह
03सलाम के बाद · 1–4
1 · इस्तिग़फ़ार 3×
أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ
अस्तग़्फ़िरुल्लाह
Astaghfirullāh
मैं अल्लाह से मग़फ़िरत माँगता हूँ।
मुस्लिम · सहीह
2 · अस-सलाम
اللَّهُمَّ أَنْتَ السَّلَامُ، وَمِنْكَ السَّلَامُ، تَبَارَكْتَ يَا ذَا الْجَلَالِ وَالْإِكْرَامِ
अल्लाहुम्म अन्तस-सलाम, व मिन्कस-सलाम, तबारक्त या ज़ल-जलालि वल-इक्राम
Allāhumma Antas-Salām, wa minkas-salām, tabārakta yā Dhal-Jalāli wal-Ikrām
तू ही सलाम है, और तुझी से सलामती है। बड़ी बरकत वाला है तू, ऐ जलाल और इज़्ज़त वाले।
मुस्लिम · सहीह
3 · तहलील और दुआ
لَا إِلَٰهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ، وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ. اللَّهُمَّ لَا مَانِعَ لِمَا أَعْطَيْتَ، وَلَا مُعْطِيَ لِمَا مَنَعْتَ، وَلَا يَنْفَعُ ذَا الْجَدِّ مِنْكَ الْجَدُّ
ला इलाह इल्लल्लाहु वह्दहु ला शरीक लह, लहुल-मुल्कु व लहुल-हम्द, व हुव अला कुल्लि शैइन क़दीर. अल्लाहुम्म ला मानिअ लिमा अअतैत, व ला मुअतिय लिमा मनअत, व ला यन्फ़उ ज़ल-जद्दि मिन्कल-जद्द
Lā ilāha illallāhu waḥdahu lā sharīka lah, lahul-mulku wa lahul-ḥamd, wa Huwa ‘alā kulli shay’in qadīr. Allāhumma lā māni‘a limā a‘ṭayt, wa lā mu‘ṭiya limā mana‘t, wa lā yanfa‘u dhal-jaddi minkal-jadd
अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं। बादशाही उसी की है और हम्द उसी के लिए है, और वह हर चीज़ पर क़ादिर है। ऐ अल्लाह, जो तू दे उसे कोई रोकने वाला नहीं, जो तू रोक ले उसे कोई देने वाला नहीं, और किसी नसीब वाले को उसका नसीब तेरे मुक़ाबले में नफ़ा नहीं देता।

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बुख़ारी और मुस्लिम · सहीह
4 · इब्नुज़-ज़ुबैर की तहलील — लंबी है; शीट देखें।
045–7 · तस्बीह
5 · सअद की पाँच चीज़ों से पनाह
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْبُخْلِ، وَأَعُوذُ بِكَ مِنَ الْجُبْنِ، وَأَعُوذُ بِكَ أَنْ أُرَدَّ إِلَىٰ أَرْذَلِ الْعُمُرِ، وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ فِتْنَةِ الدُّنْيَا، وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ
अल्लाहुम्म इन्नी अऊज़ु बिक मिनल-बुख़्ल, व अऊज़ु बिक मिनल-जुब्न, व अऊज़ु बिक अन उरद्द इला अर्ज़लिल-उमुर, व अऊज़ु बिक मिन फ़ित्नतिद-दुन्या, व अऊज़ु बिक मिन अज़ाबिल-क़ब्र
Allāhumma innī a‘ūdhu bika minal-bukhl, wa a‘ūdhu bika minal-jubn, wa a‘ūdhu bika an uradda ilā ardhalil-‘umur, wa a‘ūdhu bika min fitnatid-dunyā, wa a‘ūdhu bika min ‘adhābil-qabr
ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह माँगता हूँ कंजूसी से; बुज़दिली से; इस बात से कि मुझे सबसे निकम्मी उम्र की तरफ़ लौटा दिया जाए; दुनिया के फ़ितने से; और क़ब्र के अज़ाब से।

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बुख़ारी · सहीह
6 · मुआज़ की दुआ
اللَّهُمَّ أَعِنِّي عَلَىٰ ذِكْرِكَ وَشُكْرِكَ وَحُسْنِ عِبَادَتِكَ
अल्लाहुम्म अइन्नी अला ज़िक्रिक व शुक्रिक व हुस्नि इबादतिक
Allāhumma a‘innī ‘alā dhikrika wa shukrika wa ḥusni ‘ibādatik
तेरा ज़िक्र करने, तेरा शुक्र अदा करने, और अच्छी तरह तेरी इबादत करने में मेरी मदद फ़रमा।
अबू दाऊद, नसाई · सहीह — इसे कभी न छोड़ें।
7 · तस्बीह
سُبْحَانَ اللَّهِ · الْحَمْدُ لِلَّهِ · اللَّهُ أَكْبَرُ
सुब्हानल्लाह · अल-हम्दु लिल्लाह · अल्लाहु अक्बर
Subḥānallāh 33× · Al-ḥamdu lillāh 33× · Allāhu Akbar 33× — then the tahlīl of no. 3 once, completing 100
अल्लाह पाक है · तमाम तारीफ़ अल्लाह के लिए है · अल्लाह सबसे बड़ा है।
मुस्लिम · सहीह — दाएँ हाथ की उँगलियों पर गिनी जाती है।
05आयतुल-कुर्सी
क़ुरआन 2:255 · हर फ़र्ज़ के बाद एक बार
اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ مَنْ ذَا الَّذِي يَشْفَعُ عِنْدَهُ إِلَّا بِإِذْنِهِ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ وَلَا يُحِيطُونَ بِشَيْءٍ مِنْ عِلْمِهِ إِلَّا بِمَا شَاءَ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ وَلَا يَئُودُهُ حِفْظُهُمَا وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ
अल्लाहु ला इलाह इल्ला हुवल-हय्युल-क़य्यूमु ला तअख़ुज़ुहु सिनतुन व ला नौमुन लहु मा फ़िस-समावाति व मा फ़िल-अर्ज़ि मन ज़ल-लज़ी यश्फ़उ इन्दहु इल्ला बि-इज़्निहि यअलमु मा बैन ऐदीहिम व मा ख़ल्फ़हुम व ला युहीतून बिशैइन मिन इल्मिहि इल्ला बिमा शाअ वसिअ कुर्सिय्युहुस-समावाति वल-अर्ज़ व ला यऊदुहु हिफ़्ज़ुहुमा व हुवल-अलिय्युल-अज़ीम
नसाई, तबरानी · सहीह — पढ़ने वाले और जन्नत के बीच मौत के सिवा कुछ हायल नहीं। सोने से पहले भी।
06तीनों सूरतें
हर फ़र्ज़ के बाद एक बार; फ़ज्र और मग़रिब के बाद हर एक तीन बार।
112 · अल-इख़्लास
قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ اللَّهُ الصَّمَدُ لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ وَلَمْ يَكُنْ لَهُ كُفُوًا أَحَدٌ
क़ुल हुवल्लाहु अहदुनिल्लाहुस-समदु लम यलिद व लम यूलद व लम यकुन लहु कुफ़ुवन अहद
Qul Huwallāhu Aḥad…
113 · अल-फ़लक़
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ وَمِنْ شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ وَمِنْ شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ وَمِنْ شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ
क़ुल अऊज़ु बिरब्बिल-फ़लक़ि मिन शर्रि मा ख़लक़ व मिन शर्रि ग़ासिक़िन इज़ा वक़ब व मिन शर्रिन-नफ़्फ़ासाति फ़िल-उक़दि व मिन शर्रि हासिदिन इज़ा हसद
Qul a‘ūdhu bi-Rabbil-falaq…
114 · अन-नास
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ مَلِكِ النَّاسِ إِلَٰهِ النَّاسِ مِنْ شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ
क़ुल अऊज़ु बिरब्बिन-नासि मलिकिन-नासि इलाहिन-नासि मिन शर्रिल-वस्वासिल-ख़न्नासिल-लज़ी युवस्विसु फ़ी सुदूरिन-नासि मिनल-जिन्नति वन-नास
Qul a‘ūdhu bi-Rabbin-nās…
अबू दाऊद, तिर्मिज़ी, नसाई · सहीह — पूरे तर्जुमे लंबी शीट पर हैं।
07फ़ज्र, मग़रिब, वित्र
फ़ज्र और मग़रिब · 10×
لَا إِلَٰهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ، يُحْيِي وَيُمِيتُ، وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
ला इलाह इल्लल्लाहु वह्दहु ला शरीक लह, लहुल-मुल्कु व लहुल-हम्द, युह्यी व युमीत, व हुव अला कुल्लि शैइन क़दीर
…yuḥyī wa yumīt, wa Huwa ‘alā kulli shay’in qadīr
…वही ज़िंदगी देता है और मौत देता है, और वह हर चीज़ पर क़ादिर है।
तिर्मिज़ी, अहमद · सहीह
फ़ज्र और मग़रिब · 7×
اللَّهُمَّ أَجِرْنِي مِنَ النَّارِ
अल्लाहुम्म अजिर्नी मिनन-नार
Allāhumma ajirnī minan-nār
ऐ अल्लाह, मुझे आग से बचा ले।
अबू दाऊद · सहीह — किसी से बात करने से पहले।
सिर्फ़ फ़ज्र के बाद
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْمًا نَافِعًا، وَرِزْقًا طَيِّبًا، وَعَمَلًا مُتَقَبَّلًا
अल्लाहुम्म इन्नी असअलुक इल्मन नाफ़िअन, व रिज़्क़न तय्यिबन, व अमलन मुतक़ब्बलन
Allāhumma innī as’aluka ‘ilman nāfi‘an, wa rizqan ṭayyiban, wa ‘amalan mutaqabbalan
नफ़ा देने वाला इल्म, पाकीज़ा रिज़्क़, और क़बूल होने वाला अमल।
इब्न माजा · सहीह
वित्र के बाद · 3×
سُبْحَانَ الْمَلِكِ الْقُدُّوسِ
सुब्हानल-मलिकिल-क़ुद्दूस
Subḥānal-Malikil-Quddūs — lengthening the voice on the third, then: Rabbil-malā’ikati war-rūḥ
पाक है बादशाह, निहायत पाक — फ़रिश्तों और रूह का रब।
नसाई, अबू दाऊद · सहीह
08एक नज़र में गिनती
नमाज़ के अंदर: अत्तहिय्यात · दुरूद · चार चीज़ों से पनाह · अबू बक्र की दुआ · सलाम। हर फ़र्ज़ के बाद: 1–11 तरतीब से। तस्बीह: 33 + 33 + 33, फिर तहलील एक बार — 100। तीनों सूरतें: 1× · फ़ज्र और मग़रिब के बाद 3×। फ़ज्र और मग़रिब में इज़ाफ़ा: 10× तहलील · 7× अजिरनी मिनन-नार। इशा: यही तरतीब · क़ुनूत के साथ वित्र · 3× सुब्हानल-मलिकिल-क़ुद्दूस · सोते वक़्त के अज़कार।
सहीह रिवायतों में तरतीब के फ़र्क़ की गुंजाइश है — यह एक साबित-शुदा तरतीब है।

बिंदीदार किनारे वाली पंक्तियाँ अरबी का तलफ़्फ़ुज़ हैं, जो उसकी हरकात से क़ायदे के मुताबिक़ बनाया गया है। ये छपी हुई किताबों से नहीं हैं और इनकी जाँच नहीं हुई है: जहाँ यह अरबी से अलग हो, वहाँ अरबी ही सही है।

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